कोरोना वायरस ( CORONA VIRUS )
कोरोना वायरस : संक्रामक विषाणु
यह बहुत प्रकार के विषाणुओं(Virus) का समूह है | यह RNA जेनेटिक द्रव्य से बना हुआ है, जिसके चारो ओर एक प्रकार का कवच है , जिसमे प्रोटीन का स्पाइक होता है| इसका प्रोटीन स्पाइक एक मुकुट या ताज (Crown) की तरह दिखता है, चूँकि लैटिन भाषा में CROWN को CORONA कहा जाता है| इसीलिए इसका नाम कोरोना वायरस पड़ा |
कोरोना विषाणु भिन्न-भिन्न प्रकार के होते है , उनमे से कुछ के कारण श्वसन तंत्र प्रभावित होता है, और कुछ पेट तथा आंत के रोग के लिए जिम्मेवार होते है | इस के शरीर में प्रवेश कर जाने पर 14 दिनों के अन्दर लक्षण स्पस्ट तौर पर दिखने लगते है |
सांस सम्बन्धी रोग वाले कोरोना विषाणु, सामान्य सर्दी - बुखार तथा वृहत स्तर पर जानलेवा निमोनिया तक के करक हो सकते है |
कोरोना विषाणु भिन्न-भिन्न प्रकार के होते है , उनमे से कुछ के कारण श्वसन तंत्र प्रभावित होता है, और कुछ पेट तथा आंत के रोग के लिए जिम्मेवार होते है | इस के शरीर में प्रवेश कर जाने पर 14 दिनों के अन्दर लक्षण स्पस्ट तौर पर दिखने लगते है |सांस सम्बन्धी रोग वाले कोरोना विषाणु, सामान्य सर्दी - बुखार तथा वृहत स्तर पर जानलेवा निमोनिया तक के करक हो सकते है |
भिन्न-भिन्न प्रकार के कोरोना विषाणु( Corona Virus ) अलग-अलग प्रकार के रोग के कारक होते है -
- SARS (Severe acute respiratory syndrome) - COV : यह 2003 में चीन में पाया गया
- MARS (Middle East respiratory syndrome) - COV : यह 2012 में सऊदी अरब में पाया गया
- SARS - यह ऊँट से इंसानों में आया
- MARS - यह 'सीवट-कैट' से इंसानों में आया
- CORONA VIRUS - यहअभी तक पता नहीं लग पाया है की कहा से आया , इसीलिए इसे - Noble Corona Virus 2019 भी कहते है|
ऐसा अनुमान है की यह विषाणु जानवरों से मनुष्यों के शरीर में प्रविष्ट हो गया है | इसे सर्वप्रथम चीन के हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान के 'सी-फ़ूड' मार्किट में पाया गया | इसी जगह से यह पुरे चीन में व्याप्त हो गया | चीन में यह संक्रमण दिसम्बर 2019 में पाया गया | फ़रवरी 2020 से यह चीन से अन्य देशो में फैलना शुरु हो गया | चीन के बाहर यह सैलानियों तथा विदेशी यात्रियों के माध्यम से पंहुचा |
वह इंसान जो की जानवरों के ज्यादा संपर्क में रहता है , वह सबसे ज्यादा जोखिम में है | जैसे की - मीट मार्किट
जो लोग दुसरे बीमार व्यक्ति के संपर्क में आते है वह सबसे ज्यादा जोखिम में है |
वह इंसान जो की जानवरों के ज्यादा संपर्क में रहता है , वह सबसे ज्यादा जोखिम में है | जैसे की - मीट मार्किट
जो लोग दुसरे बीमार व्यक्ति के संपर्क में आते है वह सबसे ज्यादा जोखिम में है |
शुरुआती तौर पर इसके लक्षण 'फ्लू' के जैसे ही होते है | धीरे-धीरे इसके लक्षण विस्तृत रूप लेते जाते है और श्वांस लेने कठिनाई होने लगती है |
W. H. O. (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने इसे एक महामारी घोषित कर दिया है | इसका कोई भी इलाज नहीं है | बचाव एवं रोकथाम ही इस संक्रमण को रोक सकता है | W.H.O. ने इसे COVID-19 का नाम दिया है |
इससे मुख्यतः बुजुर्ग और बच्चों को ज्यादा खतरा है | व्यस्को में यह, जल्दी प्रतिरोधक क्षमता के विकसित हो जाने के कारण औसतन कम जानलेवा है |
नोट: यह एक नया विषाणु है, जिसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है, इसीलिए जो भी जानकारी यहाँ दी गई है , बाद में परिवर्तित हो सकती है |

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